भारतीय दर्शन में सुख को केवल भौतिक आनंद तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि उसे इन्द्रिय, कर्मेन्द्रिय, सूक्ष्म शरीर और आत्मा—इन सभी स्तरों पर समझाया गया है। शास्त्रों के अनुसार सुख जितना स्थूल होता है…
Read more »कहानी : “जो इतिहास चुना गया”गुरुकुल की कक्षा में आज असामान्य मौन था।
शिष्य आर्य के हाथ में दिल्ली का एक पुराना मानचित्र था। वह बार-बार उसे देख रहा था।अंततः वह बोला—शिष्य – गुरुदेव, एक बात मुझे खटक रह…
भारत की खाद्य परंपरा केवल स्वाद की नहीं, बल्कि संस्कृति, दर्शन और जीवन-मूल्यों की अभिव्यक्ति रही है। परंतु पिछले कुछ दशकों में हमने देखा कि जो चीज़ें भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं थीं, वे धीरे-धीरे स…
Read more »आज जब हम किसी गेम, वेबसाइट या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर World Map Selection देखते हैं, तो वहाँ “British Indian Territory” जैसे विकल्प अब भी दिखाई देते हैं। यह आश्चर्यजनक है, क्योंकि ब्रिटिश साम्राज्य आज …
Read more »आज की आधुनिक सभ्यता ऊर्जा पर आधारित है, लेकिन यह प्रश्न बहुत कम पूछा जाता है कि हम जो ऊर्जा उपयोग कर रहे हैं, वह नैतिक, प्राकृतिक और जीवन-सम्मत है या नहीं? यदि इस प्रश्न को शाकाहार के दृष्टिकोण से द…
Read more »1️⃣ अपेंडिक्स क्या है?अपेंडिक्स बड़ी आँत (Large Intestine) से जुड़ी एक छोटी नलिका-सी संरचना है। पहले इसे बेकार अंग माना जाता था, आयुर्वेद पहले से इसे उपयोगी मनाता था। लेकिन अब आधुनिक विज्ञान और आयु…
Read more »प्रस्तावनाआज कृषि में मशीनों को विकास का प्रतीक माना जाने लगा है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और विचारणीय
अन्य यंत्रों को देखकर कहा जाता है कि खेती आधुनिक हो गई है। लेकिन एक सवाल बार‑बार सामने आता है—क्या …
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